May 24, 2024
Pakshi Ka Raja Kaun Hai

पक्षियों का राजा कौन है और इसकी खासियत क्या है ? – Pakshi Ka Raja Kaun Hai

Pakshi Ka Raja Kaun Hai :- भारत में पक्षियों की कई प्रजातियां मौजूद है और यदि बात की जाए वर्ल्ड वाइड तो पूरे विश्वभर में पक्षियों की करोड़ों प्रजातियां हैं, लेकिन उन सभी प्रजातियों में से कोई एक पक्षी ऐसा होगा जो सभी पक्षियों में सबसे ज्यादा ताकतवर होगा और वही पक्षी का राजा भी होगा।

दोस्तों क्या आप जानते हैं, किसी ऐसे पक्षी को जो सभी पक्षियों में सबसे ज्यादा ताकतवर और तेज हो यदि नहीं तो कोई बात नहीं आज के इस लेख में हम सभी लोग बात करेंगे, कि पक्षियों का राजा कौन है

दोस्तों आज के इस लेख में हम सभी लोग पक्षियों का राजा कौन है, इसके साथ साथ राजा पक्षी से जुड़ी हुई सारी जानकारियां बड़ी ही विस्तारपूर्वक से प्रदान करने वाले हैं।

आज का यह लेख आप सभी लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इस लेख में आपको राजा पक्षी के विषय में जुड़ी हुई वे सभी जानकारियां जानने को मिलेंगी, जिनके लिए आपने हमारे इस लेख को पढ़ने आए है।


पक्षियों का राजा कौन है ? – Pakshi Ka Raja Kaun Hai

पक्षियों का राजा भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ को माना जाता है, गरुड़ अन्य सभी पक्षियों में सबसे ज्यादा तेज और ताकतवर होता है। गरुड़ सबसे सभी पक्षियों में सबसे ज्यादा तेज उड़ने वाला पक्षी है और गरुड़ कई किलोमीटर ऊंचाई पर उड़ते हुए भी अपने शिकार को जमीन पर देख लेता है और एक ही झटके में उस शिकार को लेकर उड़ जाता है।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार भी गरुड़ को ही प्राचीन समय से पक्षियों का राजा माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि हिंदू धर्म के त्रिदेव में से उच्चतम देव अर्थात प्रमुख देव श्री हरि विष्णु भगवान का वाहन गरुड़ ही है और गरुड़ ही अन्य सभी पक्षियों में सबसे तेज उड़ता है। इन्हीं सब कारणों की वजह से गरुड़ को पक्षियों का राजा माना जाता है।

हवा के सभी लोगों की जानकारी के लिए आपको बता देना चाहते हैं, कि विश्व का सबसे बड़ा मुस्लिम कंट्री है और वहां का राष्ट्रीय पक्षी गरुड है। इंडोनेशिया में गरुड़ पक्षी का चिन्ह ऐसा है, कि गरुड़ के ऊपर एक इष्ट की सवारी भी देखी गई है, अतः उनका भी यह मानना है, कि पूरे विश्व में सनातन की एक अलग ही पहचान है।

हालाकि वर्तमान समय में विश्व भर में गरुड़ की संख्या लिमिटेड ही रह गई है और वह लगभग 1500 ही है। पूरे विश्व भर में सबसे ज्यादा गरूर भारत के भागलपुर में पाए जाते हैं। गरुड़ के बहुत सारे अन्य नाम भी है जिसमें से कुछ वैंतेय, ताक्षर्या, खगेश्वर, सुपर्ण, विष्णुरथ, पन्नगाशन, नगांतक, गुरुत्मत इत्यादि।

गरुण बहुत ही ज्यादा विशाल पक्षी है, जोकि पूरी तरह से मांसाहारी होता है। गरुण आसमानों का राजा माना जाता है, क्योंकि आसमान में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर गरुड़ ही उड़ता है और यह पूरे विश्व भर में बहुत ही तेजी से घटते जा रहे हैं। गरुड़ का संख्या में घटना हमारे लिए बहुत ही दुखद समाचार है और यह मनुष्य के लिए अच्छा संकेत बिल्कुल भी नहीं है।


गरुड़ की उत्पत्ति कब हुई ?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है, कि गरुड़ की उत्पत्ति सतयुग से ही हो चुकी है, परंतु गरुड़ को सतयुग में कहीं-कहीं देखा गया और त्रेता युग और द्वापर युग आते आते गरुड़ को अन्य पक्षियों की तरह देखा जाने लगा परंतु कलयुग में अर्थात आज के समय में गरुड़ को सिर्फ कहीं-कहीं ही देखा जा रहा है और यह पूरे विश्व भर में मात्र 1500 ही जीवित है।

वर्तमान समय में यदि भारत में कहीं भी गरुड़ की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, तो वह दक्षिण भारत के मंदिर है और उस मंदिर का नाम है, पक्षी तीर्थ और यदि पूरे विश्व भर की बात की जाए, तो इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा गरुड़ का चर्चा मिलता है, क्योंकि गरुड़ वहां का राष्ट्रीय पक्षी है। दक्षिण भारत के इस मंदिर में सबसे ज्यादा पूजा एवं चर्चा इसलिए होती है क्योंकि माना जाता है, कि इसी मंदिर से गरुड़ की उत्पत्ति हुई थी।


गरुड़ की उत्पत्ति कैसे हुई ?

ऊपर हमने Pakshi Ka Raja Kaun Hai के बारे में जाना, अब हम गरुड़ की उत्पत्ति कैसे हुई ? के बारे में जानते है।

सतयुग में एक राजा था, जिसका नाम प्रजापति दक्ष था और उनकी एक पुत्र थे जिनका नाम विनीता था। ऐसा कहा जाता है, कि प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री का विवाह एक बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध और ज्ञानी ऋषि कश्यप के साथ किया।

विवाह के पश्चात जब विनीता ऋषि कश्यप के के पुत्र / पुत्री की मां बनने वाली थी तो उन्हें प्रश्नों के समय पुत्र या पुत्री को जन्म दे करके दो अंडे को जन्म दिया।

उन दोनों अंडे में से एक अंडे से वरुण और दूसरे अंडे से करोड़ का जन्म हुआ था जिसके कारण से ऐसा माना जाता है कि वरुण सूर्य देव के सारथी के रूप में सूर्य की सेवा करने लगे और गरुड़ प्रभु श्री हरि विष्णु के वाहन के रूप में जाने जाने लगे।


गरुड़ और सांपों में दुश्मनी क्यों है ?

भारतीय मान्यताओं के अनुसार ऋषि कश्यप की दो पत्नियां थी पहली पत्नी उनकी दूसरी पत्नी विनीता की बहन थी। जैसा कि हमने आपको बताया भी कि विनीता ने दो अर्ध पक्षी गरुड़ एवं वरुण को जन्म दिया था, जो कि आधे पक्षी और आधे मनुष्य थे।

गौतम ऋषि कश्यप की पहली पत्नी जो कि विनीता की बहन थी उनके पुत्र सांप थे। जब ऋषि कश्यप ने विनीता से विवाह किया, तो इन दोनों बहनों में काफी घनिष्ठ दुश्मनी हो गई और यह दोनों एक दूसरे की प्राण की प्यासी हो गई। तभी से लेकर आज तक उनके पुत्रों में भी अर्थात गरुण और वरुण की दुश्मनी सांपों से अब तक चली आ रही है।


गरुड़ के विषय में रोचक तथ्य ( Fact About Garuda )

ऊपर हमने Pakshi Ka Raja Kaun Hai के बारे में जाना, अब हम गरुड़ के विषय में रोचक तथ्य ( Fact About Garuda ) के बारे में जानते है। आइए हम सभी लोग गरुड़ के विषय में कुछ रोचक तथ्यों के विषय में जानते हैं :-

  • गरुड़ के मात्र पंखों की ही लंबाई 7 फीट से लेकर के 8 फीट तक होती है, अतः आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं, कि गरुड़ कितना बड़ा होगा।
  • गरुड़ विश्व का सबसे खतरनाक शिकारी पक्षी माना जाता है, जो कि पलक झपकते ही अपने शिकार को अपने मजबूत पंजे में धर दबोचता है।
  • गरुड़ आसमान में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर उड़ता है और अपनी पैनी निगाहों से वह हजारों फीट की ऊंचाई से भी अपने शिकार को जमीन पर रेंगते हुए देख सकता है।
  • गरुड़ को ही पक्षियों का राजा माना जाता है।
  • गरुड़ किसी दूसरे के शिकार पर झपट्टा नहीं मारता बल्कि वह अपना शिकार खुद करता है और वह गिद्धों की तरह मरे हुए जानवरों को भी नहीं खाता।
  • प्राचीन मान्यताओं के अनुसार गरुण पहले इतना ज्यादा बड़ा और शक्तिशाली हुआ करते थे, कि वह अपने पंजे में एक हाथी को भी पकड़कर उड़ सकते थे।
  • गरुड़ सभी पक्षियों में सबसे ज्यादा समझदार ही होते हैं।
  • गरुड़ का उल्लेख भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथों जैसे सतयुग द्वापरयुग त्रेतायुग कलयुग में भी देखा गया है और वहां पर गरुड़ को राजा भी कहा गया है।
  • गरुड़ वर्तमान समय में भी धरती पर मौजूद है परंतु इनकी संख्या काफी तेजी से घटती जा रही है।
  • गरुड़ को विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम कंट्री इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है और इसे राष्ट्रीय पक्षी भी घोषित किया गया है।
  • गरुड़ का सबसे बड़ा और सबसे घनिष्ठ दुश्मन सर कहीं होता है और उनका प्रमुख भोजन भी शर्प ही है।
  • सचिन मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में प्रभु श्री राम की सेना पर मेघनाथ ने जब नागपाश का आह्वान करके उन्हें बांध दिया था, तब प्रभु श्री राम को नागपाश से मुक्त करने के लिए गरुड़ ही आए थे और वे नागों को खाकर उन्हें मुक्त किए थे।

FAQ’S :-

Q1. पक्षियों का राजा कौन है ? – Pakshi Ka Raja Kaun Hai

Ans :- पक्षियों का राजा गरुड़ है।

Q2. पक्षियों की रानी कौन है ?

Ans :- पक्षियों की रानी मादा मोरनी है।

Q3. गरुड़ का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है ?

Ans :- गरुड़ का सबसे बड़ा दुश्मन सांप है।

निष्कर्ष :- 

हम आप सभी लोगों से उम्मीद करते हैं, कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आज का यह महत्वपूर्ण लेख Pakshi Ka Raja Kaun Hai अवश्य ही पसंद आया होगा और यदि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख वाकई में पसंद आया हो, तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना बिलकुल भी ना भूले।

यदि आपके मन में इस लेख Pakshi Ka Raja Kaun Hai को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल या फिर सुझाव है, तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।


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