May 18, 2024
Nase rog hare sab peera

नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा – Nase rog hare sab peera

Nase rog hare sab peera mantra :- हमारे वेदों में ऐसे बहुत सारे मंत्र है जिनका उच्चारण रोज़ करने से हमारे जीवन में बहुत सारे बदलाव देखे जा सकते हैं। यह मंत्र बहुत शक्तिशाली माने जाते हैं।

किसी भी देवी देवता की अर्चना करने के लिए सही प्रकार से किया गया मंत्रो का उच्चारण बहुत लाभकारी सिद्ध होता हैं। ऐसे ही एक मंत्र की पंक्ति nase rog hare sab peera mantra भी है।

क्या आप जानते हैं कि nase rog hare sab peera mantra का अर्थ क्या है और इस मंत्र के जप से क्या होता है तथा यह मंत्र किस भगवान के लिए समर्पित है? यदि नहीं, तो आज की इस लेख  में हम nase rog hare sab peera mantra के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे। अतः इस लेख को आखिर तक जरूर पढ़ें।


Nase rog hare sab peera mantra का अर्थ क्या है ?

नासे रोग हरे सब पीरा इस पंक्ति में नासे का अर्थ “नाश करने” से है। रोग का अर्थ “बीमारी से या दुख से” है। इस पंक्ति में हरे शब्द का अर्थ “हरना अर्थात दूर करना” है। सब पीरा का अर्थ “सभी दुख दर्द या सभी पीड़ा” से है। इस प्रकार से नासे रोग हरे सब पीरा पंक्ति का हिंदी में अर्थ “सब बीमारियों व दुखों का नाश करके सारी पीड़ा दूर कर देता है” होता है।

नासे रोग हरे सब पीरा यह चौपाई श्री हनुमान चालीसा चौपाई की एक पंक्ति है। श्री हनुमान चालीसा हनुमान जी के लिए समर्पित है। श्री हनुमान चालीसा, हनुमान जी का गुणगान करने के लिए बोली जाती है। यह एक रोग नाशक मंत्र है।


नासे रोग हरे सब पीरा इस मंत्र का जप क्यों किया जाता है ?

रोग, भय और दुख दर्द का तुरंत नाश कर देने वाला यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली और चमत्कारी है। यह जटिल से जटिल रोगों को ठीक करने वाला अद्भुत रोग नाशक मंत्र है।

यदि कोई व्यक्ति किसी बड़ी बीमारी के कारण त्रस्त है तो उसे श्री हनुमान जी की शरण में जाकर श्री हनुमान चालीसा की चौपाई और दोहा मंत्र को उसे लगातार बोलते रहना चाहिए। ऐसा करने से रोगी की पीड़ा कम होगी और वह धीरे-धीरे रोगो से मुक्त हो जाएगा।


नासे रोग हरे सब पीरा मंत्र का जप कब किया जाता है ?

आयुर्वेद में ऐसा कहा गया है, कि जप, तप, देवी देवता की पूजा अर्चना करने से भी रोगी को ठीक होने में मदद मिलती है। मंत्रो के उच्चारण से दवाइयों के जैसा लाभ मिलता है। यदि कोई रोगी दवा के साथ-साथ दुआ भी करें अर्थात मंत्र का जाप भी करें तो उसका रोग जल्दी ठीक होने मे मदद मिलती है।

अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी के कारण लंबे समय से इलाज करवा रहा है और वह किसी बड़े हॉस्पिटल में दाखिल है, तो जब तक रोगी ठीक नहीं हो जाता डॉक्टर अपना इलाज चालू रखते हैं।

इस स्थिति में कितना पैसा लग जाता है यह पता भी नहीं चलता और इतना पैसा खर्च होने के बावजूद भी मरीज ठीक नहीं होता। ऐसे में लोगों को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताए गए कुछ मंत्र पाठ इत्यादि का उपाय करना चाहिए। इससे रोगी के स्वास्थ्य में जल्दी सुधार होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो पिछले जन्म के कुछ पाप पुण्य होते हैं जिनकी पीड़ा इसी जन्म मे भुगतनी ही पड़ती है। इसीलिए कहा जाता है कि डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ भगवान की उपासना भी करनी चाहिए, ताकि शरीर और मन दोनों शांत रह सके और उन्हें शरीर को रोगों से दूर रखा जा सके।


रोग नाशक मंत्र का प्रयोग करने की सरल विधि

मंगलवार और शनिवार के दिन को हनुमान जी के दिन माना जाता है। आप मंगलवार या शनिवार से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर सकते हैं। यदि आप किसी रोग या पीड़ा से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आप केवल इसी चौपाई का पाठ भी कर सकते है।

अगर आप हर रोज श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो यह आपके घर का क्लेश भी खत्म कर देती है और आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करती है। इसके लिए चौपाई मंत्र और दोहा मंत्र नीचे बताए गए हैं :-

चौपाई मंत्र:

नासे रोग हरे सब पीरा | जपत निरंतर हनुमत वीरा |

दोहा मंत्र

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार | बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु क्लेस विकार |

यदि इन दोनों मंत्रों का 108 बार जाप किया जाए तो असाध्य रोग से भी मुक्त होने में मदद मिलती है और साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहता है। इन मंत्रों का जाप पूरे दिन भर में कभी भी किया जा सकता है।

कोई भी पीड़ित व्यक्ति इन मंत्रों का जाप कर सकता है। इन मंत्रो का जाप सुबह या फिर रात को सोने से पहले भी किया जा सकता है। यदि आप पूरे आत्मविश्वास के साथ इन दो मंत्रों का उच्चारण करेंगे तो आपको बहुत ही जल्द बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।

यदि चाहो तो आप हनुमान जी के बजरंग बाण का पाठ भी कर सकते हैं। इससे भी रोग, भय, पीड़ा तथा शत्रु का नाश हो जाता है। इसका पाठ भी आप पूरे मन से भक्ति से कर सकते हैं और बहुत ही जल्द परिणाम देख सकते हैं।


निष्कर्ष :-

दोस्तों, आज इस लेख में हमने nase rog hare sab peera mantra के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्राप्त की है। हमें उम्मीद है कि आप इस रोग नाशक मंत्र का अर्थ और इसे प्रयोग करने का तरीका अच्छे से समझ गए होंगे।

यदि आपके आसपास भी कोई ऐसा रोगी है, जो बहुत लंबे समय से बीमार है, तो आप इस लेख को उसके साथ साझा कर सकते हैं और उसके कष्ट कम करने में मददगार बन सकते हैं।

यदि इस लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न आप हम से पूछना चाहते हैं या हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं या फिर किसी भी प्रकार के अन्य विषय पर जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।


FAQ’S:-

Q1. नासे रोग हरे सब पीरा मंत्र का जाप करने से क्या होता है ?

Ans. सभी रोगों व कष्टों से छुटकारा मिल जाता है।

Q2. नासे रोग हरे सब पीरा मंत्र का क्या अर्थ है ?

Ans. यह चौपाई मंत्र हनुमान जी को समर्पित है, जिसका अर्थ है, कि आपका निरंतर जप करने से सब  रोग चले 
जाते हैं, सब पीड़ा मिट जाती हैं।

Q3. नासे रोग हरे सब पीरा मंत्र की जप विधि क्या है ?

Ans. इस मंत्र की जप विधि जानने के लिए आप ऊपर दिए गए लेख को पढ़ें।

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