April 17, 2024
Upma alankar ke udaharan

उपमा अलंकार के उदाहरण – Upma alankar ke udaharan

Upma alankar ke udaharan :- अगर आप उपमा अलंकार के बारे में विस्तृत जानकारी पाना चाहते है तो आपने बिलकुल सही आर्टिकल का चुनाव किया है यहाँ आपको उपमा किसे कहते है इसके भेद क्या है और upma alankar ke udaharan क्या है ? आदि सम्बंधित जानकारी बहुत ही आसान भाषा में बताई जा रही है, जिसे पढ़ने के बाद आपको उपमा अलंकार को समझने में काफी मदद मिल सकेगी, तो आइये लेख को पढ़ना प्रारम्भ करते है।


उपमा अलंकार किसे कहते है ?

उपमा अलंकार को साहित्यिक उपमा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा अलंकार है जिसमें दो वस्तुओं के बीच तुलना की जाती है। एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान या उससे तुलनामय रूप में प्रस्तुत करने के लिए उपमा अलंकार का प्रयोग किया जाता है।

इसके द्वारा वाक्यांश को रंगीन और सुंदर बनाने का प्रयास किया जाता है। इस अलंकार का उदाहरण देकर आपको तात्पर्य समझाया जा सकता है कि कैसे उपमा अलंकार का प्रयोग वाक्यांश को सजावटी बनाता है।

जैसा कि आपने अभी उपमा की परिभाषा पढ़ी लेकिन upma alankar ke udaharan द्वारा इसे समझने से पहले आइये इस अलंकार के प्रमुख रूपों से परिचित होते है।


उपमा अलंकार के प्रमुख अंग

उपमा अलंकार के प्रमुख अंग निम्नलिखित है :-

उपमेय, उपमान , साधारण धर्म और वाचक शब्द।

उपमेय: उपमेय वह वस्तु या व्यक्ति होती है जिसके बारे में बात की जा रही होती है या जो वर्णन का विषय होती है। यह वह वस्तु होती है जिसकी तुलना की जाती है। उपमेय के द्वारा व्यक्ति या वस्तु का वर्णन किया जाता है। उदाहरण के रूप में, “जिसका मन सागर-सा गंभीर हो गया।” इस वाक्य में “मन” उपमेय है।

उपमान: उपमान वह वस्तु होती है जिसके साथ उपमेय की तुलना की जा रही होती है। इसका प्रयोग upma alankar ke udaharan में देखने को मिलता हैं साथ ही साथ यह उपमेय की विशेषताओं को बताने का भी कार्य करती है। उदाहरण के रूप में, “सागर” और “गिरी” उपमान हैं। इन शब्दों के माध्यम से सागर की गहराई और गिरी की ऊँचाई की तुलना की जाती है।

साधारण धर्म: साधारण धर्म उपमेय और उपमान में समानता का धर्म होता है। इसका अर्थ होता है कि उपमेय और उपमान दोनों में उन्हें मिलता है जिससे वे एक दूसरे से समजाते हैं। यानी उपमान में जो गुण या विशेषता होती है, वही उपमेय में भी होती है और उपमेय में जो गुण या विशेषता होती है, वही उपमान में भी होती है।

इसे समझने के लिए upma alankar ke udaharan को समझते है। उदाहरण के रूप में, “गंभीर” और “ऊँचा” साधारण धर्म हैं। दोनों शब्दों में गहराई और ऊँचाई का गुण होता है, इसलिए इन्हें साधारण धर्म कहा जाता है।

वाचक शब्द: वाचक शब्द वह शब्द होता है जो उपमान और उपमेय के बीच समानता को दर्शाता है। यह शब्द उपमान और उपमेय के बीच संबंध बनाता है और उनकी तुलना करने में सहायता प्रदान करता है। उदाहरण के रूप में, “सा” वाचक शब्द है। इस शब्द के द्वारा उपमेय के रूप में उठाया गया व्यक्तित्व का सामान्य गुण उपमान के रूप में दर्शाया जाता है।

upma alankar ke udaharan को समझने के लिए आइये सबसे पहले उपमा अलंकार के भेद के बारे में पढ़ते है।


उपमा के भेद

उपमा अलंकार के निम्नलिखित भेद होते हैं :-

दृष्टान्त उपमा इसमें उपमेय को सीधे उपमान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें उपमेय को उपमान से सीधे जोड़ा जाता है बिना किसी तुलना के। उदाहरण के रूप में, “तुम मेरे सूरज हो।” इस वाक्य में उपमेय “तुम” है और उपमान “सूरज” है।

समुच्चय उपमा इसमें उपमान और उपमेय दोनों का उपयोग किया जाता है तथा उनके बीच कोई संबंध स्थापित किया जाता है। उदाहरण के रूप में, “तेरी मुस्कान चांद सी खिली हुई है।” इस वाक्य में उपमेय “तेरी मुस्कान” है, उपमान “चांद” है, और उपमान और उपमेय के बीच समानता का संबंध स्थापित किया गया है। उपमा के इस भेद का प्रयोग upma alankar ke udaharan में देखने को जरूर मिलता है।

उपमानार्थी उपमा इसमें एक उपमान को उपमेय के रूप में प्रयोग किया जाता है जो कि उसकी विशेषताओं और गुणों को बताता है। उदाहरण के रूप में, “वह शेर है, अपनी साहसिकता के लिए प्रसिद्ध।” इस वाक्य में शेर उपमेय है और उसके गुणों की उपमानार्थी उपमा जारी रखता है।

उपमेयार्थी उपमा इसमें एक उपमेय को उपमान के रूप में प्रयोग किया जाता है। उपमेय के गुण, विशेषताएं या धर्मों को उपमान के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। उदाहरण के रूप में, “वह चिड़िया अभिनव संगीत के स्वरों को बजाती है।” इस वाक्य में उपमान “चिड़िया” है और उपमेय “अभिनव संगीत के स्वरों को बजाती है” है।

आइये अब upma alankar ke udaharan के द्वारा इस अलंकार को विस्तार से  समझने का प्रयास करते है।


 उपमा अलंकार के उदाहरण – Upma alankar ke udaharan

  • वह आँधी की तरह आई।

वाक्यांश का अर्थ: वह व्यक्ति आँधी की तरह तेजी से और आक्रामकता से आई।

  • उसकी मुस्कान सूरज की किरण के समान थी।

वाक्यांश का अर्थ: उसकी मुस्कान बहुत उज्ज्वल और प्रकाशमय होने के कारण सूरज की किरण की तुलना में आई।

  • उसकी आँखों में कोई तारा नहीं, सबसे ज्यादा चमक उसकी ही आँखों में है।

वाक्यांश का अर्थ: उस व्यक्ति की आँखों में कोई तारा नहीं होने के बावजूद, उनकी आँखों में सबसे ज्यादा चमक है।

  • वह चीटियों के समान तेज़ी से दौड़ रहा था।

वाक्यांश का अर्थ: वह व्यक्ति बहुत तेजी से दौड़ रहा था, जिसे चीटियों की तेज़ दौड़ के साथ तुलित किया गया है।

  • उसकी आवाज़ बादलों की भांति गरज रही थी।

उपमा उसकी आवाज़ बादलों की भांति गरज रही थी।

वाक्यांश का अर्थ: उस व्यक्ति की आवाज़ बहुत गर्जने वाली थी, जिसे बादलों की गरज के साथ तुलित किया गया है।


उपमा अलंकार के अन्य उदहारण

यहां दिए गए वाक्यों में उपमा अलंकार के उदाहरण हैं :-

कर कमलसा कोमल हैं (हाथ को कमल की तरह बिलकुल कोमल है)

पीपल पात सरिस मन ड़ोला (पीपल के पत्ते की तुलना मन से की गयी जिसकी चंचलता बिलकुल पीपल के पत्ते समान है )

मुख चन्द्रमासा सुन्दर और आकर्षित है (चेहरे की तुलना आकाश में दिखने वाले चांद से की गई है)

नील गगन जैसा शांत हृदय था रो रहा (हृदय को नीले आसमान की तरह बताया गया है।)


FAQ’S :-

प्रश्न 1 उपमा अलंकार किसे कहते है ?

उत्तर - एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान या उससे तुलनामय रूप में प्रस्तुत करने के लिए उपमा अलंकार का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 2 – Upma alankar ke udaharan बताइये ?

उत्तर - उसकी आवाज़ बादलों की भांति गरज रही थी।

प्रश्न 3उपमा अलंकार का प्रयोग कब किया जाता है ?

उत्तर - यह अलंकार उपादानों की तुलना के माध्यम से एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान बताने के लिए प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 4उपमा अलंकार का प्रयोग कहाँ किया जाता है ?

उत्तर - उपमा अलंकार का प्रयोग कविता, कहानी, नाटक उपन्यासों आदि में किया जाता है।

प्रश्न 5उपमा अलंकार का महत्व बताइये ?

उत्तर -  उपमा अलंकार वाक्य और कविता में रुचिकर तत्व के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से कवि या 
लेखक अपने विचारों, भावनाओं और विषयों को विविधता और रसभरे ढंग से प्रकट कर सकते हैं।

निष्कर्ष :-

इस लेख के द्वारा आपने upma alankar ke udaharan बल्कि इसकी परिभाषा, भेद, प्रकार व कई सम्बंधित जानकारियों को पढ़ा हम उम्मीद करते है यह लेख पढ़ने के बाद आपको उपमा अलंकार को  समझने में काफी मदद मिली होगी यदि आप भविष्य में ऐसे ही रोचक जानकारियों से रूबरू होना चाहते है, इस वेबसाइट को विजिट कर सकते है।


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