May 24, 2024
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Tamev Mata Pita Twameva In Hindi

Tamev Mata Pita Twameva :- संस्कृत के श्लोको का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है यह हमें नैतिकता के साथ साथ जीवन में अच्छे विचारों को धारण करने की प्रेरणा देते है।

आज हम संस्कृत के एक ऐसे ही श्लोक “ tamev mata pita twameva “ के बारे में आपको काफी जानकारियां उपलब्ध करने जा रहे है, जिसमें आप इस श्लोक के उच्चारण, इसके अर्थ, किन किन स्थानो पर प्रयोग में लाया जाता है ? आदि आवश्यक जानकारी पढ़ सकेंगे।


Tamev Mata Pita Twameva Slook In Hindi

तमेव माता च पिता तमेव,

तमेव बन्धुश्च सखा तमेव।

तमेव विद्या द्रविणम् तमेव,

तमेव सर्वम् मम देव देव॥


तमेव माता च पिता तमेव किस वेद का श्लोक है ?

तमेव माता च पिता तमेव एक प्रसिद्ध श्लोक है जो यजुर्वेद के मुख्य ब्राह्मण श्रुति ग्रंथ में पाया जाता है। यह श्लोक भारतीय संस्कृति में परिचय शब्द है जो हमें हमारे जीवन में महत्वपूर्ण रूप से संयुक्त रखने के लिए प्रेरित करता है।

Tamev mata pita twameva श्लोक के अनुसार, माँ, पिता, भाई-बहन, मित्र और सभी अन्य रिश्तेदार हमारे ईश्वर के रूप में काम करते हैं और इसलिए हमें उनके प्रति सम्मान और समर्पण का भाव रखना चाहिए।


श्लोक का हिंदी अर्थ

तमेव: केवल तुम ही

माता: माँ

: और

पिता: पिता

तमेव: केवल तुम ही


अर्थ: माँ तुम ही मेरा परिवार हो, पिता तुम ही मेरा परिवार हो, तुम ही मेरा सब कुछ हो।


तमेव: केवल तुम ही

बन्धु: भाई

: और

सखा: मित्र

तमेव: केवल तुम ही


अर्थ: भाई तुम ही मेरा सहयोग हो, मित्र तुम ही मेरा साथी हो, तुम ही मेरा सब कुछ हो।


तमेव: केवल तुम ही

विद्या: शिक्षा

द्रविणम्: संपत्ति

तमेव: केवल तुम ही


अर्थ: शिक्षा तुम ही मेरा धन हो, संपत्ति तुम ही मेरा धन हो, तुम ही मेरा सब कुछ हो।


तमेव: केवल तुम ही

सर्वम्: सब

मम: मेरा

देव देव: हे ईश्वर के देव


अर्थ: हे ईश्वर के देव, तुम ही मेरा सब कुछ हो। सब कुछ मेरा केवल तुम ही हो, तुम ही मेरा देव हो।


अतः tamev mata pita twameva इस पूरे श्लोक का हिंदी अर्थ है कि “माँ ही मेरी माता है और पिता ही मेरा पिता है।” इसका अर्थ यह है कि हम सभी भगवान के संबंध में एक ही रूप में होते हैं, और अपने परिवार के सदस्यों को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि वे हमारे भगवान के रूप में काम करते हैं। यह श्लोक हमें अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों का सम्मान करने की महत्वपूर्णता बताता है।


यह श्लोक किसके द्वारा लिखा गया ?

तमेव माता च पिता तमेव श्लोक यजुर्वेद के मुख्य ब्राह्मण श्रुति ग्रंथ में लिखा गया है। इस श्लोक के रचयिता के बारे में विस्तार से नहीं जाना जा सकता क्योंकि tamev mata pita twameva श्लोक एक समस्त जीवन के सार को दर्शाता है और भारतीय संस्कृति में लम्बे समय से संवेदनशीलता एवं सम्मान का प्रतीक माना जाता है।


इस श्लोक का प्रयोग कहाँ किया जाता है ?

तमेव माता च पिता तमेव श्लोक का प्रयोग अक्सर परिवारिक समारोहों, पूजा-अर्चना, धार्मिक उत्सवों और सत्संग में किया जाता है। इस श्लोक का प्रयोग लोगों को याद दिलाने के लिए किया जाता है कि माँ-पिता हमारे जीवन के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए।


हिन्दू धर्म में इस श्लोक की महत्वता ?

Tamev mata pita twameva श्लोक हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण है। इस श्लोक में दिखाया गया है कि माता-पिता बच्चे के लिए दो मात्र उपदेशक नहीं होते बल्कि वे उसके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संसाधक होते हैं। वे उसे न सिर्फ शिक्षा देते हैं, बल्कि उसके आचरण और सोच को भी संभालते हैं।

यह श्लोक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताता है कि बच्चे को अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और उनके उपदेशों का पालन करना चाहिए।

इसके अलावा इस श्लोक में समझाया गया है कि भगवान् एकमात्र ऐसा सत्य है, जो हमारी समस्त जरूरतों को पूरा कर सकता है। इसीलिए हमें हमेशा उसी की शरण में जाना चाहिए।

उम्मीद करते है अब तक आपको tamev mata pita twameva श्लोक के बारे में काफी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी लेकिन क्या आपको पता है कि महराज ध्रतराष्ट्र की पत्नी रानी गांधारी ने इन पंक्तियों का इस्तेमाल श्री कृष्ण जी के लिए किया आइये जानते है इसके बारे में विस्तार से।


रानी गांधारी ने इस श्लोक का प्रयोग श्री कृष्ण के लिए किया ?

रानी गांधारी ने श्री कृष्ण को “तमेव माता च पिता तमेव” इसलिए कहा था क्योंकि उन्होंने श्री कृष्ण को अपना पुत्र माना था और उन्हें अपनी आँखों की दौलत नहीं देख पाई थी। उन्होंने श्री कृष्ण को अपनी आत्मा का स्वरूप माना था और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा समझा था। इसलिए वे उन्हें अपने माता-पिता की तरह मानती थीं।


इस श्लोक की विशेषताएं ?

Tamev mata pita twameva श्लोक का उपयोग बचपन से ही शुरू होता है, जब बच्चों को यह समझाया जाता है कि उनके माँ-बाप हमेशा उनके साथ होते हैं और उनके लिए हमेशा तैयार होते हैं। इस श्लोक का अनुसरण करने से हम अपने माता-पिता के प्रति अधिक समझदार बनते हैं और उनका सम्मान करते हुए उनकी सेवा करते हैं।

इस श्लोक का उपयोग विवाह समारोहों में भी किया जाता है, जब दुल्हन अपने माँ-बाप को विदाई देती है। इसके अलावा यह श्लोक संस्कारों और पुजाओं में भी उपयोग किया जाता है।


FAQ’S :-

प्रश्न 1 – Tamev mata pita twameva श्लोक की सभी पंक्तियों लिखिए ?

उत्तर - तमेव माता च पिता तमेव,
तमेव बन्धुश्च सखा तमेव।
तमेव विद्या द्रविणम् तमेव,
तमेव सर्वम् मम देव देव॥

प्रश्न 2इस श्लोक का उल्लेख किस वेद में दिया गया है ?

उत्तर - तमेव माता च पिता तमेव एक प्रसिद्ध श्लोक है जो यजुर्वेद के मुख्य ब्राह्मण श्रुति ग्रंथ में पाया जाता है। श्लोक के 
अनुसार, माँ, पिता, भाई-बहन, मित्र और सभी अन्य रिश्तेदार हमारे ईश्वर के रूप में काम करते हैं और इसलिए हमें 
उनके प्रति सम्मान और समर्पण का भाव रखना चाहिए।

प्रश्न 3 – Tamev mata pita twameva श्लोक का प्रयोग कब किया जाता है ?

उत्तर - इस श्लोक का प्रयोग अक्सर परिवारिक समारोहों, पूजा-अर्चना, धार्मिक उत्सवों और सत्संग में किया जाता है। 
वह इसलिए ताकि इस श्लोक का उच्चारण करके हम अपने माँ-पिता व अन्य घनिष्ठ सम्बन्धो का स्मरण करे और उनके 
प्रति आदर भाव रखे।

प्रश्न 4इस श्लोक का हिंदी अर्थ क्या है ?

उत्तर - "तमेव माता च पिता त्वमेव" श्लोक का अर्थ है कि "तुम ही मेरी माता और तुम ही मेरे पिता हो।" इस श्लोक में 
प्रकट होता है कि माता-पिता ही बच्चे के लिए सर्वोपरि होते हैं और उन्हें प्रेम, आशीर्वाद और संरक्षण प्रदान करते हैं। इस 
श्लोक के माध्यम से बच्चे को अपने माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका का आदर्श दर्शाया जाता है।

प्रश्न 5हिन्दू धर्म में इस श्लोक की क्या महत्वता है ?

उत्तर - इस श्लोक का महत्व भारतीय संस्कृति में बहुत उच्च है। यह श्लोक हमें माता-पिता के सम्मान का महत्व सिखाता है 
और हमें उन्हें समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। इसके अलावा, यह श्लोक हमें अपने जीवन में माता-पिता के साथ आदरपूर्वक 
व्यवहार करने की भी सीख देता है।

निष्कर्ष :-

इस लेख के माध्यम से आपने tamev mata pita twameva श्लोक के बारे में जानकारी हासिल की जिसमें आपको इस श्लोक के हिंदी अर्थ, इसके उपयोग व हिन्दू धर्म में इस श्लोक की महत्वता को ध्यान में रखते हुए कई अन्य खास जानकारियों से आपको रूबरू कराया गया।

हम उम्मीद करते है यह लेख आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित हुआ होगा यदि भविष्य ऐसे ही आर्टिकलों को पढ़ना चाहते है तो इस वेबसाइट आगे भी इसी प्रकार से विजिट कर सकते है।


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