July 22, 2024
Andhbhakt Kise Kahate Hain

अंधभक्त किसे कहा जाता है ? – Andhbhakt Kise Kahate Hain

Andhbhakt Kise Kahate Hain :- आजकल आपने कई बार सोशल मीडिया पर अंध भक्तों शब्द जरूर सुना होगा। यह शब्द सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा लोकप्रिय है। जिसके कारण ज्यादातर लोग यह जानना चाहते हैं, कि अंधभक्त किसे कहा जाता है ?

ऐसे तो अंधभक्त कई प्रकार के होते हैं और इनके अलग लक्षण भी होते हैं जिसकी जानकारी आज हम इस लेख में प्राप्त करेंगे। तो यदि आप भी जानना चाहते हैं कि Andhbhakt kise kahate hain और अंधभक्त कितने प्रकार के होते हैं, तो हमारे साथ इस लेख में अंत तक जरूर बने रहें।


अंधभक्त किसे कहते हैं ? ( Andhbhakt Kise Kahate Hain )

जब हम किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा कही गई बात को बिना सोचे समझे एवं बिना उस बात पर विचार किए बात को मान लेते हैं तो वह अंधभक्त कहलाता है।

अगर हम इसे आसान भाषा में समझे तो यह कह सकते हैं, कि यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति पर अंधा विश्वास करता है तो विश्वास करने वाला व्यक्ति ही अंधभक्त कहलाता है।

क्योंकि वह दूसरे व्यक्ति की सभी बातों को और सभी कर्मों को आंख बंद करके मान लेता है और उसी राह पर चल पड़ने लगता है। भले ही वह राह उस व्यक्ति के लिए गलत ही क्यों ना हो।

इस समय सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे अंधभक्त शब्द को राजनीति और धार्मिक दृष्टि से देखा जा रहा है। क्योंकि लोग किसी एक राजनीतिक पार्टी पर आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं।

साथ ही इस समय लोग धर्म के नाम पर भी काफी ज्यादा लड़ाई कर रहे हैं क्योंकि हर धर्म के लोग अपने ईश्वर पर अंधा विश्वास रखते हैं।

हालांकि धर्म के अनुसार ईश्वर का अंधभक्त होना अच्छा माना जाता है परंतु किसी भी व्यक्ति का अंधभक्त होना बुरा है। अंधभक्त एक संस्कृत शब्द है, जिसे सबसे पहली बार धार्मिक दृष्टि के लिए ही इस्तेमाल किया गया था पुलिस डॉग और यह उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया था, जो भगवान पर पूरा भरोसा रखते हैं और उनकी कहीं बातों को ही अनुसरण करते हैं।


अंधभक्त के लक्षण क्या है ?

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को पहचानना चाहते हैं जो किसी भी एक विशेष चीज का अंधभक्त हो तो आप उसे नीचे दिए गए लक्षणों के माध्यम से आसानी से पहचान सकेंगे।

  • अंधभक्त केवल एक ही व्यक्ति पर विश्वास करता है और उसी की बातों को मानता है।
  • अंधभक्त वह व्यक्ति होता है, जो दूसरों के द्वारा कही जाने वाली बातों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता, भले ही वह उसके लिए सही ही क्यों ना हो।
  • अंध भक्त वही व्यक्ति बनता है जिसका उस जाति से उस पार्टी से या उस धार्मिक चीजों से स्वार्थ जुड़ा हुआ हो।

अंधभक्त कितने प्रकार के होते हैं ?

ऊपर हमने Andhbhakt Kise Kahate Hain के बारे में जाना, अब हम अंधभक्त कितने प्रकार के होते हैं ? के बारे में जानते है।

आइए अब हम अंध भक्तों के प्रकार भी जान लेते हैं। अंध भक्तों के कुछ मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं :-

  1. जाति के अंधभक्त
  2. किसी राजनीतिक पार्टी के अंधभक्त
  3. धर्म के अंधभक्त
  4. किसी देश विशेष के अंधभक्त
  5. भाजपा के अंधभक्त
  6. राहुल गांधी के अंध भक्त
  7. केजरीवाल के अंधभक्त

राजनीति में अंध भक्त कौन है ?

इस समय सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग किसी एक राजनीतिक पार्टी के अंध भक्त बन गए हैं और केवल उसी पार्टी की बातों को मानते हैं और उसके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना भी करते हैं।

राजनीति में अंध भक्त वही होता है जो केवल किसी एक ही राजनीति पार्टी का सपोर्ट करता है और हमेशा उसी राजनीतिक पार्टी को वोट देता है। भले ही वह राजनीतिक पार्टी देश के लिए अच्छी ना हो।


धर्म में अंधभक्त किसे कहते हैं ?

धर्म में अंधभक्त उससे कहा गया है, जो अपने अपने इश्वर पर विश्वास रखता हो। हिंदू धर्म के अनुसार अंधभक्त वह होता है जिसके पास सोचने समझने की शक्ति है आंख कान नाक हाथ पर सब कुछ है परंतु वह सही गलत की पहचान नहीं कर पाता।

मुस्लिम धर्म में अंधभक्त उन्हें कहा गया है, जो केवल अपने अल्लाह को ही मानते हैं और किसी भी अन्य भगवान को बिल्कुल भी नहीं मानते और उनकी अवहेलना करते हैं।

हिंदू धर्म में अपने भगवान पर आंख बंद करके विश्वास करना तो सही माना गया है परंतु किसी अन्य भगवान की आवेला करना सही नहीं माना जाता।


मोदी के समर्थक को अंधभक्त क्यों कहा जाता है ?

मोदी के समर्थकों को अंधभक्त इसलिए कहा गया है, क्योंकि वह लोग मोदी जी द्वारा कहीं जाने वाली सभी बातों को मानते हैं और उसी का पालन करते हैं।

यह समर्थक मोदी जी द्वारा किए जाने वाले किसी भी कार्यों में नुक्स नहीं निकालते और केवल उनके कार्यों की सराहना ही करते हैं। इसीलिए सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों को मोदी जी का अंधभक्त कहा जा रहा है।


भक्त और अंधभक्त में अंतर

अंध भक्त और भक्तों में कुछ अंतर देखने को मिलता है, जिसे समझना बहुत ही आवश्यक है।

  • भक्त वह होता है जो किसी पर विश्वास तो रखता है परंतु उसके द्वारा कहीं जाने वाली सभी बातों को नहीं मानता। जबकि अंधभक्त व्यक्ति द्वारा कही जाने वाली सभी बातों को आंख मूंदकर मान लेता है।
  • भक्त वह होता है जो किसी एक दृष्टि पर पूरी तरह से विचार करता है और सही निर्णय लेने का प्रयास करता है, जबकि अंधभक्त में सोचने एवं समझने की शक्ति नहीं होती है।
  • भक्त वह होता है, जो इस दृष्टि से भक्ति करता है कि उसके मन में कोई भी लोबिया लालच नहीं होता परंतु अंधभक्त किसी व्यक्ति की इसलिए भक्ति करता है क्योंकि उसके मन में स्वास्थ्य एवं लालच भरा होता है।
  • यहां पर राजनीतिक पार्टियों में विश्वास रखने वाले लोगों को अंधभक्त इसलिए कहा गया है, क्योंकि उन्हें उस राजनीतिक पार्टी से सपोर्ट मिलने की लालसा होती है।

निष्कर्ष :-

आज के इस लेख में हमने जाना, कि Andhbhakt kise kahate hain ?

उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आपको अंध भक्तों के बारे में जानकारी मिल पाई होगी। यदि आप इस विषय से संबंधित कोई अन्य जानकारी पाना चाहते हो तो कृपया हमें कमेंट करके बताएं।


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